जागरण संवाददाता, उरई (जालौन) : फेसबुक पर दोस्ती गांठने के बाद परेशान कर रहे दो शोहदों को छात्रा और उसके स्वजन ने चप्पलों से जमकर पीटा। लोगों ने शोहदों से पैर छूकर माफी मंगवाई, तब मामला शांत हुआ। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से सच सामने आया। हालांकि, दैनिक जागरण ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। शहर के कुइया रोड निवासी छात्रा से फेसबुक पर दोस्ती करके दो शोहदे कई दिनों से परेशान कर रहे थे। छात्रा ने कई बार मना किया, लेकिन वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। छात्रा ने आपबीती स्वजन को बताई। स्वजन के साथ मिलकर शोहदों को सबक सिखाने की योजना बनाकर बुधवार दोपहर दोनों को मिलने के लिए घर के पास बुलाया। झांसे में आए शोहदों के पहुंचते ही छात्रा और उसके स्वजन चप्पल लेकर टूट पड़े। करीब आधा घंटे तक उनकी पिटाई की, जिससे मौके पर भीड़ लग गई। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि घटना के संबंध में छात्रा या स्वजन ने कोई लिखित शिकायत नहीं की है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई होगी।
उरई : सिरसा कलार थाना क्षेत्र के ग्राम दमरास में जगराम पाल ने शराब के नशे में अपने सगे भाई विश्राम पाल को पेट में चाकू मारकर घायल कर दिया। विश्राम की पत्नी सुनीता देवी ने 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि जगराम उसके घर पर आकर आए दिन गाली गलौज करता है। पुलिस को देखकर जगराम भाग गया। आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है। दहेज के लिए प्रताड़ित कर घर से निकाला, मुकदमा
जागरण संवाददाता, उरई : जिले में कोरोना वायरस का कहर जारी है। बुधवार को जिले भर में 271 नये मरीज मिले, जबकि तीन मरीजों की मौत हो गई। जिला प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को कोरोना के 271 नये केस सामने आये हैं। अब तक जनपद में कुल 388227 व्यक्तियों के सैंपल लिये गये। जिसमें से 10525 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं, जिनमें से 156 व्यक्ति मृत एवं 8943 व्यक्ति ठीक हो गये है। वर्तमान में एक्टिव केस की संख्या 1426 है। जनपद के सभी एल-1 अस्पतालों में कुल 240 बेड अभी रिक्त है। अत: जनपद के सभी कोविड पॉजिटव मरीज जो होम आईसोलेन में है। यदि किसी मरीज का आक्सीजन लेवल 94 से कम होता है और वह अस्पताल में भर्ती होना चाहते है, तो वह कन्ट्रोल के दूरभाष संख्या 05162-252516, 252313, 253357, 257090, 250039 के माध्यम से एल-1 अस्पताल में भर्ती हो सकते है। जान पर भारी न पड़ जाए लापरवाही